Shattila Ekadashi Vrat Katha : पुण्य, भक्ति और मोक्ष का मार्ग

🌙 शट्टीला एकादशी व्रत कथा: पुण्य, भक्ति और मोक्ष का मार्ग

शट्टीला एकादशी व्रत हिन्दू धर्म में अत्यंत पावन माना जाता है। यह व्रत भगवान श्री विष्णु को समर्पित होता है और इसे करने से व्यक्ति के पाप नष्ट होते हैं। आइए विस्तार से जानते हैं Shattila Ekadashi Vrat Katha, इसका महत्व और व्रत विधि।

🕉️ शट्टीला एकादशी का धार्मिक महत्व

शट्टीला एकादशी माघ मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी को आती है।
इस दिन तिल (Til) का विशेष महत्व होता है। तिल का प्रयोग स्नान, दान, भोजन और पूजा में किया जाता है।

Spiritual Importance:

  • पापों से मुक्ति

  • आत्मिक शुद्धि

  • मन की शांति और सकारात्मक ऊर्जा

  • विष्णु कृपा की प्राप्ति

इसलिए Shattila Ekadashi Vrat Katha का पाठ करने से भी विशेष पुण्य मिलता है।

🌼 शट्टीला एकादशी व्रत कथा

पौराणिक कथा के अनुसार, एक समय राजा युधिष्ठिर ने भगवान श्रीकृष्ण से पूछा कि शट्टीला एकादशी का क्या महत्व है। तब श्रीकृष्ण ने यह पावन कथा सुनाई।

एक नगर में एक अत्यंत धर्मपरायण ब्राह्मणी स्त्री रहती थी। वह पूरे वर्ष व्रत, पूजा और दान करती थी, लेकिन उसने कभी अन्न दान नहीं किया। एक बार भगवान विष्णु ने उसकी परीक्षा लेने के लिए साधु का रूप धारण किया और उससे भोजन माँगा।

ब्राह्मणी ने श्रद्धा से उन्हें तिल दे दिए। भगवान विष्णु उसकी भक्ति से प्रसन्न हुए, लेकिन बोले कि उसने अन्न दान नहीं किया, इसलिए उसे स्वर्ग में कष्ट भोगना पड़ेगा। बाद में शट्टीला एकादशी व्रत के प्रभाव से उसे मोक्ष प्राप्त हुआ।

👉 यह Shattila Ekadashi Vrat Katha हमें सिखाती है कि दान, भक्ति और सही विधि का पालन आवश्यक है

🪔 शट्टीला एकादशी व्रत विधि

शट्टीला एकादशी व्रत श्रद्धा और नियम से किया जाता है।

व्रत विधि:

  1. प्रातःकाल तिल मिले जल से स्नान

  2. भगवान विष्णु की पूजा

  3. तिल से बने भोग का अर्पण

  4. दिनभर उपवास या फलाहार

  5. रात्रि में विष्णु सहस्रनाम या कथा पाठ

पूजा स्थल पर सुंदर भगवान विष्णु की मूर्ति रखने से पूजा अधिक फलदायी होती है।
👉 god-idols

🌿 तिल का आध्यात्मिक महत्व

Shattila Ekadashi Vrat Katha में तिल का विशेष स्थान है।
तिल को पवित्र, शुद्ध और पाप नाशक माना गया है।

तिल से जुड़े कार्य:

  • तिल स्नान

  • तिल दान

  • तिल भोजन

  • तिल हवन

यह सभी क्रियाएं आत्मा को शुद्ध करती हैं।

🌸 आधुनिक जीवन में शट्टीला एकादशी का महत्व

आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में यह व्रत inner peace और mindfulness का साधन बन सकता है।
घर में शांत वातावरण के लिए पूजा स्थान के पास mini planters या spiritual décor रखा जा सकता है।

👉 mini-planter

यह वातावरण ध्यान और भक्ति को गहराई देता है।

✨ शट्टीला एकादशी व्रत के लाभ

  • जीवन में सुख-समृद्धि

  • मानसिक शांति

  • नकारात्मक ऊर्जा का नाश

  • आध्यात्मिक उन्नति

इसलिए Shattila Ekadashi Vrat Katha का श्रवण और व्रत दोनों ही अत्यंत लाभकारी माने जाते हैं।

🌟 निष्कर्ष

शट्टीला एकादशी व्रत कथा हमें सिखाती है कि सच्ची भक्ति, दान और श्रद्धा से भगवान विष्णु शीघ्र प्रसन्न होते हैं। यह व्रत न केवल धार्मिक बल्कि आध्यात्मिक स्वास्थ्य के लिए भी बहुत उपयोगी है।

इस एकादशी पर व्रत रखें, कथा का पाठ करें और MurtiMall के आध्यात्मिक उत्पादों से अपने पूजा स्थल को और भी पवित्र बनाएं 🌙🕉️।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Shopping Cart
Scroll to Top